बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला मुख्यालय के रौड़ा सेक्टर से एक बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक किराये के मकान में रहने वाली बुजुर्ग महिला और उनके गंभीर रूप से बीमार बेटे की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 66 वर्षीय कुमुद शर्मा और उनके 36 वर्षीय बेटे अक्षांश के रूप में हुई है। यह परिवार मूल रूप से सोलन जिले के अर्की का रहने वाला था और पिछले कुछ समय से बिलासपुर में रह रहा था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुमुद शर्मा शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त (Retired) शिक्षिका थीं। उनका बेटा अक्षांश पिछले लंबे समय से एक गंभीर और लाइलाज बीमारी से पीड़ित था। बीते दो-तीन सालों में उसकी तबीयत इस कदर बिगड़ चुकी थी कि वह पूरी तरह से बिस्तर पर आ गया था और उसका चलना-फिरना भी बंद हो गया था। बुजुर्ग मां ही उसकी देखभाल कर रही थीं।
शुक्रवार दोपहर को जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी, तो पड़ोसियों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। जब आसपास के लोग खिड़की-दरवाजे से घर के भीतर दाखिल हुए, तो मां और बेटे दोनों अचेत अवस्था में पड़े थे। नजदीकी अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शुरुआती पुलिस जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बेटे की गंभीर बीमारी, लगातार बिगड़ती स्थिति और उससे पैदा हुए मानसिक व आर्थिक तनाव के कारण हताश होकर बुजुर्ग महिला ने बेटे के साथ यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, दोनों ने किस जहरीले पदार्थ का सेवन किया है, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।







