तीन टीमों की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने इंद्रेश मौर्य को दबोचा, परिजन अब भी जांच पर उठा रहे सवाल
उत्तर प्रदेश। बाराबंकी में महिला सिपाही विमलेश पाल हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मामले के मुख्य आरोपी इंद्रेश मौर्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज घटना ने कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे, जिन पर अब पुलिस की कार्रवाई ने आंशिक जवाब देने की कोशिश की है।
बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि महिला सिपाही विमलेश पाल की हत्या में वांछित आरोपी इंद्रेश मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी की तलाश में तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया था, जिनके समन्वित प्रयासों से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।
इस बीच, मृतका के परिजनों ने मामले को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। विमलेश के जीजा दिलीप पाल ने दावा किया है कि पुलिस को 27 जुलाई को ही मृतका की स्कूटी मिल गई थी, जबकि शव 30 जुलाई को बरामद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने स्कूटी को घटनास्थल से बरामद दिखाकर तथ्य छुपाने की कोशिश की है।
दिलीप पाल ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गिरफ्तारी संबंधी जानकारी मांगी थी, जिस पर एसपी ने उन्हें बताया कि आरोपी इंद्रेश मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया है और रिपोर्ट मसौली थाना से प्राप्त की जा सकती है।
गौरतलब है कि महिला सिपाही विमलेश पाल का शव 30 जुलाई को मसौली थाना क्षेत्र में संदिग्ध हालात में मिला था। शव की स्थिति अत्यंत क्षत-विक्षत होने के कारण हत्या और यौन शोषण की आशंका जताई गई थी। हालांकि पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ जांच में प्रगति का दावा किया है, लेकिन परिजन अब भी जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।







