एटीएस जांच में 10 लाख के लेन-देन का खुलासा, नेटवर्क देशभर में फैला
जबलपुर। मध्यप्रदेश एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है। जबलपुर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है, जिसके तार अफगानिस्तान से जुड़े हैं। गिरोह में शामिल एक अफगानी युवक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य अफगानी नागरिकों को कोलकाता से हिरासत में लिया गया है।
मध्यप्रदेश एटीएस को खुफिया इनपुट मिला था कि जबलपुर में कुछ अफगानी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं और फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवा रहे हैं। इसी सूचना पर कार्रवाई करते हुए एटीएस ने शुक्रवार को आठ नल छोटी ओमती, जबलपुर से एक संदिग्ध युवक सोहबत खान को हिरासत में लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि सोहबत खान मूल रूप से अफगानिस्तान का निवासी है और वर्ष 2015 से जबलपुर में रह रहा था। उसने एक स्थानीय युवती से निकाह कर लिया था और साल 2020 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया था।
इतना ही नहीं, उसने अफगानी नागरिकों अकबर और इकबाल के लिए भी जबलपुर का फर्जी पता दिखाकर आधार कार्ड बनवाए और उसी के आधार पर पासपोर्ट जारी करवा दिए। दोनों को एटीएस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारतीय दस्तावेज तैयार करवाने के बदले लाखों रुपये वसूलता था। अब तक करीब 10 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन का पता चला है। सूत्रों का कहना है कि देश के विभिन्न हिस्सों में फैले करीब 20 अफगानी नागरिकों के पासपोर्ट जबलपुर के पते से बनवाने की कोशिश की गई थी।







