नई दिल्ली- दिल्ली के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान से जुड़े आश्रम में छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार, धमकी और अश्लील संदेश भेजने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। संस्थान के पूर्व प्रबंधक स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती, जिन्हें पार्थ सारथी के नाम से भी जाना जाता है, पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है और कई अहम सबूत जुटाए जा रहे हैं।
अश्लील चैट और धमकियों का आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी की कुछ वॉट्सएप चैट सामने आई हैं, जिनमें वह छात्राओं को अनुचित संदेश भेजते हुए अपने कमरे में बुलाने, विदेश ले जाने का लालच देने और परीक्षा में फेल करने की धमकी देते हुए दिख रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब छात्राएं उसकी बात नहीं मानती थीं, तो वह नंबर काटने और फेल करने की धमकी देता था।
तीन महिला वॉर्डन भी जांच के दायरे में
मामले में संस्थान की तीन महिला वॉर्डन के खिलाफ भी जांच चल रही है। आरोप है कि ये वॉर्डन छात्राओं पर दबाव बनाती थीं और उनसे चैट डिलीट करवाने का प्रयास करती थीं। पुलिस ने तीनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। जब घटनाएं सामने आईं, उस समय आरोपी स्वामी विदेश में—लंदन—मौजूद था।
डिजिटल सबूतों की जांच जारी
पुलिस ने आश्रम के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए हैं और संस्थान से बरामद हार्ड डिस्क को फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी डिजिटल प्रमाणों की बारीकी से जांच की जा रही है।
छात्राओं ने दर्ज कराई शिकायत, संस्थान प्रबंधन भी आया सामने
छात्राओं ने आरोपी के खिलाफ अनुचित छूने, धमकाने और आपत्तिजनक बातचीत करने की लिखित शिकायत दी है। हालांकि, अब तक किसी छात्रा ने दुष्कर्म की शिकायत नहीं की है। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
इस बीच, श्री श्रृंगेरी मठ के प्रशासक पी.ए. मुरली ने भी आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। शिकायत में संस्थान के कुछ अन्य फैकल्टी और प्रबंधन के सदस्यों पर भी आरोपी का साथ देने का आरोप लगाया गया है।
पुराने मामलों की भी पड़ताल
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि पार्थ सारथी के खिलाफ पहले भी यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज हो चुके हैं। वर्ष 2009 और 2016 में दक्षिण दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में उसके खिलाफ दो केस दर्ज हैं।
पद से हटाया गया, जांच जारी
फिलहाल, श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के प्रबंधक पद से आरोपी को हटा दिया गया है। संस्थान, जो कि श्रृंगेरी पीठ के अधीन संचालित होता है, अब इस मामले में आंतरिक जांच भी कर रहा है।
पुलिस का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







