लुधियाना (पंजाब) – पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में नवजात बच्ची की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस जांच ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। इस प्रकरण में एक निजी क्लीनिक से जुड़े डॉक्टर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके तार अन्य शहरों से भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 14 फरवरी को एक निजी नर्सिंग होम में जन्मी बच्ची को कथित तौर पर पैसों के बदले सौंपने की तैयारी की जा रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद थाना डिवीजन नंबर 3 की टीम ने कार्रवाई करते हुए पार्क के पास से सौदे में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से नकदी भी बरामद की गई।
जांच में सामने आया कि बच्ची की मां पहले से चार बेटियों की मां है और आर्थिक तंगी के चलते उसने यह कदम उठाया। सौदे की रकम 2 लाख 10 हजार रुपये तय हुई थी, जिसमें से बड़ा हिस्सा मां को और शेष रकम कथित बिचौलियों के बीच बांटी जानी थी।
मामले में अब तक मां, एक डॉक्टर, खरीदार दंपति सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं एक आशा वर्कर, एक नर्स और उसका सहयोगी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि इस तरह के लेन-देन का नेटवर्क अन्य जिलों तक फैला हो सकता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं।
एडीसीपी समीर वर्मा ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य जिलों की पुलिस से भी सहयोग लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।







