हरियाणा। झज्जर के भिंडावास झील में मिले बुजुर्ग के शव मामले में पुलिस ने उसके ही गोरिया निवासी भतीजे संदीप को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि संदीप ने परिवार वालों के साथ मिलकर महेंद्र की हत्या करके उसके शव को खुर्द-बुर्द करने की नीयत से भिंडावास झील में डाला दिया था। वारदात की वजह संदीप व उसका परिवार हैं, जोकि बुजुर्ग महेंद्र से उसकी चार कनाल जमीन अपने नाम कराना चाहते थे, लेकिन महेंद्र ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ थाना साल्हावास में हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपी को झज्जर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। झाड़ली पुलिस चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि संदीप निवासी गोरिया झज्जर ने शिकायत में बताया कि उसका ताऊ महेंद्र सिंह काफी दिन से मकान में अकेला रह रहा था। 27 फरवरी को बिना बताए कहीं चला गया और वापस नहीं आया। काफी तलाशने के बाद उसका पता नहीं चला। शक जाहिर किया था कि उसके ताऊ को किसी अज्ञात ने अनजान जगह पर छुपा रखा है।
शिकायत पर पुलिस ने थाना साल्हावास में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया। चौकी में तैनात उप निरीक्षक ओम प्रकाश की टीम गुमशुदा की तलाश कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि भिंड़ावास झील में पुलिया के सामने एक डेड बॉडी कपड़े में लिपटी मिली है। वहीं गांव वालों से पता चला कि महेंद्र गायब नहीं हुआ बल्कि उसके घर वालों ने मारकर शव को कहीं छुपा दिया है। महेंद्र को तलाशते हुए भिंडावास झील पर ग्रामीण पहुंचे तो पुलिया के नीचे से पानी बह रहा था। यहां मिट्टी के टीले के साथ एक काली रंग की तिरपाल में कुछ चीज बंधी थी। उसके नजदीक सफेद प्लास्टिक के कट्टे में कपड़े बांधकर डाले हुए थे।
पुलिस ने तिरपाल व कट्टे को बाहर निकाल कर देखा तो तिरपाल में महेंद्र निवासी गोरिया का शव बंधा था। महेंद्र के सिर में आगे-पीछे चोट लगी थी। पुलिस को गुप्त सूचना थी कि मृतक के भतीजे संदीप ने परिवार वालों के साथ मिलकर चाचा की हत्या कर उसके शरीर को खुर्द-बुर्द करने की नीयत से भिंडावास झील में डाला था।







