डूंगरपुर, राजस्थान – जिले के सदर थाना क्षेत्र के मोकरवाड़ा गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बीमारी और मानसिक तनाव से परेशान एक मां ने अपने तीन बच्चों को कुएं में फेंकने का प्रयास किया, जिसमें दो मासूमों की मौत हो गई, जबकि बड़ी बेटी जान बचाकर भाग निकली।
घटना की जानकारी और विवरण:
गुमानपुरा ग्राम पंचायत के बुयेला गांव निवासी वर्षा (पत्नी सुनील डामोर) गुरुवार को अपने तीन बच्चों — छह वर्षीय उर्मिला, चार वर्षीय जीतू और दो महीने की बच्ची को लेकर घर से निकली। वह करीब पांच किलोमीटर दूर मोकरवाड़ा गांव पहुंची, जहां नदी किनारे एक बिना मुंडेर के कुएं के पास उसने सबसे पहले जीतू और दो माह की बच्ची को कुएं में फेंक दिया।
वह उर्मिला को भी कुएं में फेंकने ही वाली थी कि बच्ची मां का हाथ छुड़ाकर वहां से भाग निकली। डर से सहमी बच्ची के पीछे दौड़ती वर्षा को खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने देख लिया और तुरंत हस्तक्षेप कर बच्ची को बचा लिया।
ग्रामीणों और पुलिस की तत्परता:
घटना से गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सदर थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाले गए। दोनों की डूबने से मौत हो चुकी थी। महिला को भी घटनास्थल से हिरासत में लेकर उपचार के लिए जिला अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया है।
महिला का बयान:
प्रारंभिक पूछताछ में वर्षा ने बताया कि दो महीने पहले उसका बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद से उसे लगातार पेट में असहनीय दर्द होता है। उसने बताया कि वह मानसिक रूप से बेहद टूट चुकी थी और यही सोचकर कि यदि उसकी मौत हो गई तो उसके बच्चों का क्या होगा — उसने यह भयावह कदम उठाया।
पुलिस और मेडिकल निगरानी:
फिलहाल वर्षा की हालत स्थिर है और अस्पताल में महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में है। मामले की जांच जारी है और पुलिस इसे मानसिक तनाव तथा पोस्ट-ऑपरेटिव डिप्रेशन से जोड़कर भी देख रही है।







