सहसपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के चर्चित मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को कठोर सजा दी है। अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और आर्थिक दंड से दंडित किया है।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) रजनी शुक्ला की अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। न्यायालय ने उन्हें पर्याप्त मानते हुए मुख्य आरोपी को गंभीर धाराओं में दोषी करार दिया। अदालत ने उस पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला वर्ष 2020 का है, जब थाना सहसपुर क्षेत्र में एक 13 वर्षीय बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप सामने आया था। पीड़िता की मां की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच की गई और बाद में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
अदालत ने दो अन्य सहआरोपियों की भूमिका पर भी निर्णय सुनाया। एक आरोपी को आपराधिक धमकी के आरोप में तीन माह की सजा और जुर्माना लगाया गया, जबकि दूसरे को भी सीमित अवधि के कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया। हालांकि गंभीर धाराओं में उन्हें राहत दी गई।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि अर्थदंड की राशि में से एक निर्धारित हिस्सा पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किया जाए। साथ ही सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
फैसले के बाद दोषियों के खिलाफ सजा वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।







