गाजियाबाद – कौशांबी में सामने आए जासूसी प्रकरण में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज करते हुए नौ और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच नाबालिग भी शामिल हैं। पकड़े गए अन्य आरोपी एक संगठित नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं, जो विदेश से मिल रहे निर्देशों पर काम कर रहा था।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर संवेदनशील सूचनाएं जुटाने और उन्हें विदेश भेजने में लगा था। कुछ आरोपी इस नेटवर्क के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डेटा के आदान-प्रदान का काम कर रहे थे। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि कई बार पार्सल के जरिए उपकरणों का लेन-देन किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने हाईटेक कैमरों और संचार उपकरणों का इस्तेमाल कर अहम स्थानों की गतिविधियों पर नजर रखी। इन उपकरणों के जरिए जुटाई गई जानकारी को बाहर भेजा जाता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और किन-किन जगहों तक इसकी पहुंच थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि डिलीट किए गए डेटा और चैट्स को रिकवर किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सकता है। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की दिशा में भी जांच का केंद्र बन गया है।






