उत्तर प्रदेश। इंचौली के साधरणपुर गांव निवासी निवासी इंदु शेखर पुत्र तिरखा सिंह राजमिस्त्री का कार्य करते थे। इंदु शेखर पिछले एक वर्ष से ग्राम धनपुरा निवासी किसान विजयपाल के यहां मकान का निर्माण कार्य कर रहे थे। मकान मलिक विजयपाल पर इंदु शेखर के मजूदरी के ढाई लाख रुपये बकाया होने पर वह लगातार पैसे मांग रहे थे। मंगलवार को विजयपाल बैंक से रुपये निकालकर देने की बात कहकर इंदु शेखर को अपने खेत पर ले गया था। वहां उसने भाई सुंदर और हर्ष के साथ मिलकर इंदु के साथ गाली-गलौज करते हुए उसकी पिटाई की। इंदु ने भागने का प्रयास किया तो उसके पैर में गोली मार दी। इसके बाद आरोपियों ने बाग में जामुन के पेड़ पर रस्से से फंदा लगाकर इंदु की हत्या कर दी।
वहीं, बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान संगठन जिला प्रभारी अजय सागर के नेतृत्व में जिला पंचायत सदस्य डॉ. विनेश कुमार, रतनपाल जिठौला, प्रमोद, विरेंद्र सिंह, विकास वर्मा, गुडविन, हरकेश, राजेश व परिजनों के साथ दर्जनों ग्रामीण परीक्षितगढ़ थाने पहुंच गए। हंगामा करते हुए फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर दी। पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से हत्यारोपी विजयपाल को मवाना के झुनझुनी गांव से गिरफ्तार कर लिया। उसके दो करीबियों को भी हिरासत में लिया।
एसपी देहात कमलेश बहादुर ने थाने पहुंचकर हत्यारोपी से पूछताछ की। एसपी देहात ने बताया कि इंदु के बेटे वंश प्रिय ने विजयपाल, उसके भाई सुंदर और बेटे हर्ष के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। दोनों फरार हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं, शाम को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। वे शव लेकर डीएम आवास जाने लगे।
मामले की जानकारी पर सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया फोर्स के साथ थाने पहुंचे और परिजनों को जेल चुंगी पर रोक लिया। परिजनों ने शव परीक्षितगढ़ रोड पर रखकर जाम लगा दिया। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।
सीओ ने उनको बताया कि हत्यारोपी विजयपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है, उसे भावनपुर थाने में रखा गया है। सीओ इंदु के बेटे वंश और बेटी को लेकर भावनपुर थाने पहुंचे और आरोपी से सामना कराया। एसपी देहात से परिजनों की फोन पर बात कराकर सुरक्षा का आश्वासन दिया। जिसके बाद साढ़े चार बजे परिजन शव लेकर गांव चले गए।







