पुलिस कमिश्नर डॉ. आरके स्वर्णकार अधिकारियों संग मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की थी। हालांकि पुलिस कमिश्नर आरके स्वर्णकार को अपहरण की ये घटना बड़ी नहीं लगी। इसके चलते पूरी रात वो मौके पर नहीं पहुंचे। अपहरण के बाद हत्या होने पर पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। फिलहाल कोई कुछ भी आधिकारिक बयान नहीं दे रहा है। रायपुरवा निवासी कपड़ा कारोबारी संजय कनोडिया का पीरोड पर कपड़ों का बड़ा कारोबार है। उनका पौत्र कुशाग्र कैंट स्थित जयपुरिया स्कूल में हाई स्कूल का छात्र है। उसके पिता मनीष कनौडिया सूरत में कपड़ों का कारोबार संभालते हैं। सोमवार को वह अपनी स्कूटी से शाम करीब 4:30 बजे स्वरूपनगर स्थित कोचिंग सेंटर गया था। शाम 7:30 बजे परिजनों ने घर का कुछ सामान लाने के लिए उसके नंबर पर कॉल किया, लेकिन नंबर बंद मिला। घबराए परिजनों ने कोचिंग और कुशाग्र के दोस्तों से फोन पर जानकारी की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। परिजनों ने पुलिस अधिकारियाें को अपहरण की सूचना दी तो पुलिस सक्रिय हुई।
इस बीच अपहर्ताओं ने फिरौती की मांग को लेकर एक पत्र कुशाग्र के घर में फेंका। हालांकि, फिरौती की रकम परिजनों ने सार्वजनिक नहीं की। मौके पर पुलिस कमिश्नर, जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी, नीलाब्जा चौधरी, एडीसीपी आरती सिंह फोर्स समेत कारोबारी के घर पहुंचे। इस बीच जांच में जुटी पुलिस को जीटी रोड स्थित गुंजन टॉकीज के पास से कुशाग्र की स्कूटी लावारिस हालात में खड़ी मिली। पुलिस ने छात्र के घर के पास सीसीटीवी कैमरों की मदद से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया था। फुटेज में यह युवक अपनी स्कूटी से कारोबारी के घर के पास पहुंचकर फिरौती वाला पत्र फेंकता नजर आया है। पुलिस ने दो युवकों और युवतियों को उठाया था।







