दिल्ली – दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने गरीब मरीजों की मदद के नाम पर सरकारी सिस्टम को धोखा देने की साजिश रच रखी थी। आरोपी झज्जर निवासी सोनू खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा बताकर निजी अस्पतालों को फर्जी आदेश भेजता था और लोगों से मुफ्त इलाज कराने का झांसा देकर हजारों रुपये ऐंठ रहा था।
कैसे रची ठगी की साजिश
पुलिस के अनुसार, सोनू को कुछ महीने पहले एमसीडी में माली के रूप में काम करते हुए सीएम कार्यालय का एक पुराना पत्र मिला था। इसी से उसे फर्जीवाड़े का आइडिया आया। उसने असली पत्र की कॉपियां तैयार कराई और उन्हीं के आधार पर निजी अस्पतालों को नकली आदेश भेजने शुरू कर दिए।
वह अस्पतालों के बाहर इलाज के लिए परेशान गरीब मरीजों को बहला-फुसलाकर कहता कि वह सीएम कार्यालय से ‘ईडब्ल्यूएस कोटे’ में उनका मुफ्त इलाज करवा देगा। इसके बदले वह प्रत्येक मरीज से करीब पाँच हजार रुपये वसूलता था।
कैसे खुली पोल
मामला तब खुला जब एक निजी अस्पताल को “सीएम कार्यालय” से आए पत्र पर शक हुआ। पत्र में कई टाइपिंग और स्पेलिंग की गलतियाँ थीं, साथ ही हस्ताक्षर भी संदिग्ध लगे। अस्पताल की ओर से इस बारे में ईमेल भेजा गया, जिसके बाद सीएम कार्यालय ने इसकी शिकायत पुलिस को दी।
जांच में पता चला कि पत्र में जिस मरीज का जिक्र था, उसका नाम श्याम शंकर है। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि यह पत्र उसकी पत्नी को सोनू नाम के व्यक्ति ने दिया था।
तकनीकी साक्ष्य और गिरफ्तारी
फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकालने पर पता चला कि मोबाइल नंबर सोनू के नाम पर दर्ज है और लोकेशन करोल बाग स्थित एमसीडी कार्यालय की आ रही है। 29 अक्टूबर को पुलिस ने वहां छापा मारा, लेकिन आरोपी नहीं मिला। दफ्तर से पुलिस को उसका बैग और फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक मिली।
अगले दिन, यानी 30 अक्टूबर को टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस ने सोनू को टैगोर गार्डन स्थित डबल स्टोरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
ईडब्ल्यूएस कोटे की असल व्यवस्था
गौरतलब है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) कोटे के तहत निजी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त या रियायती दर पर इलाज की सुविधा दी जाती है। अस्पतालों को बाद में इसका भुगतान सरकार की ओर से किया जाता है। सोनू ने इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर लोगों को भ्रमित किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अब तक कई लोगों से इस तरह ठगी कर चुका है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।







