दिल्ली- दिल्ली में एक निजी स्कूल के कक्षा 10 के छात्र की आत्महत्या के मामले ने बड़ा रूप ले लिया है। पुलिस ने घटना की तफ्तीश तेज करते हुए शुक्रवार को छात्र की कक्षा में पढ़ने वाले चार साथियों के बयान दर्ज किए। साथ ही स्कूल प्रशासन से उस दिन के सीसीटीवी फुटेज तुरंत सौंपने को कहा गया है। पुलिस ने राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी अपने कब्जे में ले ली है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्लेटफॉर्म पर छात्र का व्यवहार कैसा था।
दिल दहला देने वाली यह घटना 18 नवंबर को सामने आई थी, जब छात्र ने मेट्रो स्टेशन के प्लेटफार्म से छलांग लगाकर जान दे दी थी। उसके पास से मिले नोट में कुछ शिक्षकों पर लगातार प्रताड़ना का आरोप था। इसी आधार पर परिजनों ने स्कूल के चार शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने सहपाठियों से स्कूल में छात्र के प्रति व्यवहार और ड्रामा क्लास में हुई कथित बदसलूकी के बारे में विस्तृत जानकारी ली है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उन शिक्षकों से भी पूछताछ की तैयारी में है, जिनका नाम परिवार ने आरोपों में लिया है। मेट्रो पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के अनुसार, जांच टीम हर संभव सबूत जुटा रही है और अगले चरण में शिक्षकों से पूछताछ की जाएगी।
दूसरी ओर, शिक्षा विभाग पहले ही एक उच्च स्तरीय जांच समिति बना चुका है, जो अपनी विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा निदेशक वेदिता रेड्डी को सौंपेगी। समिति को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोकने के लिए सुझाव और सुधारात्मक उपाय सुझाए।
घटना के बाद अभिभावकों और परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन स्कूल के बाहर प्रदर्शन हुआ, जिसमें सभी ने आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। लोगों ने हाथों में बैनर, पोस्टर और मोमबत्तियाँ लिए छात्र के लिए न्याय की मांग उठाई। दिल्ली पैरेंट्स एसोसिएशन ने भी शनिवार शाम महाराष्ट्र सदन के बाहर कैंडल मार्च की घोषणा की है।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज किया और केवल शिक्षकों को निलंबित करके औपचारिकता निभाई। उनका कहना है कि छात्र लंबे समय से तनाव में था, लेकिन स्कूल ने उसकी मदद करने की बजाय शिकायतों को दरकिनार कर दिया।
दूसरी ओर, जयपुर में नौ साल की छात्रा की आत्महत्या के मामले के बाद सीबीएसई ने वहां के निजी स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिससे छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर फिर चिंता बढ़ गई है।
घटना पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य मानकों को मजबूती से लागू किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। सरकार स्कूलों को मेंटल हेल्थ फ्रेमवर्क लागू करने में हर संभव सहायता देगी।







