दिल्ली- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन में अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ते हुए चार विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों के पास से 20 किलो से अधिक मेथामफेटामाइन और लगभग 700 नशीली गोलियाँ बरामद की गईं। जब्त किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
दिल्ली से बेंगलुरु–मुंबई तक फैला नेटवर्क
स्पेशल सेल का कहना है कि इनमें शामिल एक महिला दिल्ली को केंद्र बनाकर एनसीआर सहित बेंगलुरु और मुंबई तक ड्रग्स पहुँचाती थी। यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों में सप्लाई के लिए “कूरियर गर्ल्स” का उपयोग करता था।
इनपुट पर कार्रवाई, धौला कुआँ से पकड़े गए आरोपी
पुलिस उपायुक्त आलप पटेल के अनुसार, एक गुप्त सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर रणजीत सिंह और इंस्पेक्टर संजीव कुमार की टीम ने धौला कुआँ बस स्टैंड के पास जाल बिछाया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास मौजूद बैगों में प्लास्टिक की थैलियों में पैक नशीले पदार्थ मिले।
टीम ने इसके अलावा रासायनिक प्रीकर्सर, कैल्शियम क्लोराइड, मेथनॉल, अलग-अलग प्रकार के तरल रसायन और ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले प्रयोगशाला उपकरण भी बरामद किए।
ड्रग कार्टेल से जुड़े होने का खुलासा
गिरफ्तार महिला, एजेबुएनयी एस्तेर ओसिता उर्फ एला (45), ने पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली में अफ्रीकी समूहों द्वारा संचालित ड्रग कार्टेल का हिस्सा है। उसने पुलिस को बताया कि वह चंदर विहार में रहने वाले अमोरका नामक व्यक्ति से ड्रग्स खरीदती थी और बेंगलुरु में “व्हाइट मनी” नाम के व्यक्ति को डिलीवरी देने जा रही थी।
एला ने यह भी बताया कि वह दिल्ली के जनकपुरी, उत्तम नगर और विकासपुरी जैसे इलाकों से ड्रग्स की खरीद करती थी और बैग में छिपे खानों का इस्तेमाल करके नशीले पदार्थ ले जाया करती थी।
लंबे समय से जारी थी सप्लाई चेन
पूछताछ में सामने आया कि अमोरका पिछले तीन साल से बेंगलुरु और मुंबई में अपने संपर्कों के जरिये ड्रग वितरण करवाता था। चिनोये नाम का आरोपी एक मोबाइल लैब की मदद से सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करता था। सभी आरोपियों की भूमिकाएँ नेटवर्क में अलग-अलग थीं—कोई निर्माण करता था, कोई खरीदता था, तो कोई सप्लाई लाइन संभालता था।
भारत में बिना दस्तावेज रह रहे थे सभी आरोपी
पुलिस ने बताया कि चारों व्यक्ति बिना वैध वीज़ा या यात्रा दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। स्पेशल सेल ने इनके नेटवर्क और संपर्कों की जांच शुरू कर दी है, ताकि सप्लाई चेन के बाकी हिस्सों का भी पता लगाया जा सके।







