अमृतसर – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े कथित नार्को-टेरर नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से गिरफ्तार कर भारत लाया है। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया गया है। अब उससे पंजाब में पूछताछ की जाएगी।
जांच एजेंसी के अनुसार, शेरा अमृतसर के अटारी बॉर्डर पर बरामद 532 किलो हेरोइन मामले का मुख्य आरोपी है। यह अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी में से एक मानी जा रही है। एनआईए का दावा है कि आरोपी पाकिस्तान से संचालित ड्रग्स और आतंकी फंडिंग नेटवर्क का अहम हिस्सा था।
एजेंसी के मुताबिक, शेरा भारत में अपने नेटवर्क के जरिए पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाता था। ड्रग्स बेचकर मिलने वाले पैसों को हवाला चैनलों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचाया जाता था। जांच में सामने आया है कि इस पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने में किया जाता था।
इकबाल सिंह उर्फ शेरा मूल रूप से पंजाब के अमृतसर का निवासी है। साल 2020 में केस दर्ज होने के बाद वह भारत छोड़कर फरार हो गया था और बाद में पुर्तगाल में जाकर छिप गया। उसके खिलाफ अक्टूबर 2020 में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था, जबकि जून 2021 में इंटरपोल नोटिस भी जारी किया गया था।
सरकारी और कूटनीतिक प्रयासों के बाद आखिरकार आरोपी का प्रत्यर्पण संभव हो सका। एनआईए के अनुसार, शेरा ने पंजाब में ड्रग्स सप्लाई, वसूली और हवाला ट्रांसफर के लिए एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर रखा था। एजेंसी का दावा है कि उसके सीधे संबंध पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों से थे।
यह मामला सबसे पहले पंजाब पुलिस ने दर्ज किया था। जांच की शुरुआत हिजबुल के ओवरग्राउंड वर्कर हिलाल अहमद शेरगोजरी की गिरफ्तारी के बाद हुई थी, जिसके पास से करीब 29 लाख रुपये की ड्रग्स से जुड़ी रकम बरामद हुई थी। बाद में जांच में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों से भी लाखों रुपये बरामद किए गए थे। इसके बाद यह मामला एनआईए को सौंप दिया गया था।







