प्रयागराज- उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और चर्चित व्यक्तित्व डी.के. पंडा एक बार फिर चर्चा में हैं—इस बार कारण है उनके साथ हुई साइबर ठगी। धूमनगंज थाना क्षेत्र निवासी पंडा के बैंक खाते से अज्ञात साइबर अपराधियों ने 4 लाख 32 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है, और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पूर्व आईजी रूल्स एंड मैनुअल रह चुके डी.के. पंडा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि हाल ही में उन्हें बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली। जब उन्होंने बैंक से विवरण मांगा, तो पता चला कि रकम को धोखाधड़ी से ट्रांसफर किया गया है। उन्होंने तत्काल इस घटना की FIR धूमनगंज थाने में दर्ज कराई।
पहले भी कर चुके हैं ठगी की शिकायत
यह पहली बार नहीं है जब पंडा साइबर फ्रॉड का शिकार हुए हैं। इससे पहले अक्टूबर 2023 में भी उन्होंने 381 करोड़ रुपये की ठगी का मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने कुछ लोगों पर बड़े स्तर की साजिश रचने का आरोप लगाया था।
एक विशिष्ट और चर्चित जीवन यात्रा
1971 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे डी.के. पंडा मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं। अपने सेवा काल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। साल 2005 में उन्होंने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया, उस वक्त वह लखनऊ में आईजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर कार्यरत थे।
पंडा तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने स्वयं को “दूसरी राधा” घोषित कर महिलाओं की तरह परंपरागत वेशभूषा और सोलह श्रृंगार धारण करना शुरू किया। सिर पर सिंदूर, माथे पर बिंदी, नाक में नथ और पैरों में घुंघरू जैसे पहनावे के साथ उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग को अपनाया था। हालांकि, 2015 में उन्होंने यह रूप त्याग कर “कृष्णानंद” के रूप में नया अध्यात्मिक जीवन शुरू किया।
पुलिस जुटी जांच में
धूमनगंज थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से ठगी के तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किस माध्यम से और किन खातों में यह रकम ट्रांसफर हुई। फिलहाल, अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।







