गुरुग्राम। सेक्टर-9 क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने अपने माता-पिता पर उसकी इच्छा के खिलाफ शादी तय करने और घर में कैद रखने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती को उसके घर से सुरक्षित निकालकर सेफ हाउस में आश्रय दिलवाया।
घटना तब सामने आई जब युवती ने हरियाणा के मुख्यमंत्री, गुरुग्राम पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और महिला आयोग को ईमेल भेजकर मदद की गुहार लगाई। उसके संदेश में यह बताया गया था कि उसे घर में बंद कर दिया गया है और अगले दिन उसकी जबरन शादी कराई जाने वाली है। मामला बुधवार को पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई।
शादी एक दिन बाद होनी थी
बताया जा रहा है कि युवती एक स्थानीय पार्षद की बेटी है और उसकी शादी 4 दिसंबर को तय की गई थी। युवती के ईमेल मिलते ही सेक्टर-9 थाना पुलिस उसके घर पहुंची और प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे सेफ हाउस शिफ्ट कर दिया गया।
युवती का आरोप: मर्जी के खिलाफ शादी तय, फोन भी छीन लिया गया
शिकायत में युवती ने बताया कि वह विवाह के लिए तैयार नहीं थी और इस बारे में माता-पिता को बता भी चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद शादी तय कर दी गई। विरोध करने पर उसे कई दिनों से घर में कैद रखा गया और मोबाइल भी छीन लिया गया था ताकि वह किसी से मदद न मांग सके।
युवती का कहना है कि उसने एमबीए, बी.एड और एम.एड की पढ़ाई की हुई है और वह अपने भविष्य को लेकर स्वयं निर्णय लेना चाहती है। उसने बताया कि उसे अपने परिवार से जान का खतरा महसूस हो रहा था, इसलिए जैसे-तैसे मौका पाकर उसने अधिकारियों को ईमेल कर मदद मांगी।
एफआईआर दर्ज, जांच जारी
युवती के बयान के आधार पर उसके माता-पिता के खिलाफ सेक्टर-9 थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया अनुसार की जाएगी।







