मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के मंढियाई गांव में पिता ने शुक्रवार रात ढाई साल की मासूम बच्ची इकरा को गंगनहर में फेंक दिया। घटना की जानकारी होने पर पुलिस ने शनिवार को आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने बेटी को गंगनहर में फेंकने का अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने पांच साल के बेटे उवैश को पीटने के कारण मासूम बच्ची को गंगनहर में फेंकने की बात कही है। लेकिन आरोपी की बताई वजह किसी के गले नहीं उतर रही। क्योंकि आरोपी की दो मासूम बच्चियों की दो साल पहले भी संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है।
गांव मंढियाई निवासी सुल्लू उर्फ सुलेमान पुत्र इब्राहिम मजदूरी करता है। परिवार में पत्नी महरूनिशां और बेटा उवैश (5) है। इनके अलावा दंपती की तीन बेटी इलमा, इकरा (ढाई वर्ष) और अलीना थी। दो वर्ष पूर्व जब इलमा चार साल और अलीना तीन माह की थी। तब दोनों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। अब शुक्रवार की रात सुल्लू अपनी तीसरी बेटी इकरा को लेकर गंगनहर की ओर जाता दिखाई दिया। कुछ देर बाद वह अकेला वापस लौटा। ग्रामीणों ने उससे बेटी के बारे में पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया। तभी किसी ने पुलिस को सूचना दी कि एक व्यक्ति ने किसी मासूम बच्चे को गंगनहर में फेंका है।
शक होने पर पुलिस ने सुल्लू के फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। लेकिन वह वह मोबाइल स्विच ऑफ कर फरार हो गया। पुलिस ने गांव में जांच-पड़ताल की तो मासूम बच्ची को गंगनहर में फेंकने का मामला सामने आया। पुलिस रात भर आरोपी को तलाश करती रही। शनिवार को पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ की। शुरूआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करता रहा। लेकिन बाद में आरोपी ने बेटी को गंगनहर में फेंकने की जानकारी पुलिस को दे दी। आरोपी ने बताया कि इकरा उसके बेटे उवैश से मारपीट करती थी। इससे क्षुब्ध होकर उसने इकरा को गंगनहर में फेंका है। गोताखोरों की मदद से पुलिस बच्ची को तलाश रही है।







