वाराणसी। साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े फर्जी फ्रेंचाइजी घोटाले का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने जेप्टो जैसी नामी कंपनियों के नाम पर वेबसाइट बनाकर देशभर में करोड़ों की ठगी की थी। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना शांतनु कुमार (जमशेदपुर, झारखंड) और विकास कुमार (नालंदा, बिहार) शामिल हैं। दोनों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि दो महीने पहले वाराणसी के आयुष कुमार से जेप्टो की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की गई थी। मामले की जांच के लिए गठित टीमों ने डिजिटल ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह फर्जी वेबसाइट बनाकर “फ्रेंचाइजी ऑफर” के नाम पर निवेशकों से ठगी करता था। आरोपी जेप्टो, अमूल डेयरी, धानी फायनेंस, ब्लीकिंट और वॉल्मो जैसी कंपनियों की हूबहू कॉपी वेबसाइट तैयार करते थे और फिर सोशल मीडिया पर पेड विज्ञापन चलाकर लोगों को जाल में फंसाते थे।
जो भी व्यक्ति इन कंपनियों का नाम गूगल पर सर्च करता, तो सबसे ऊपर इन्हीं की फर्जी वेबसाइट दिखती थी। जैसे ही कोई व्यक्ति वहां डेटा या आवेदन फॉर्म भरता, उसकी जानकारी सीधे गिरोह के पास पहुंच जाती थी। इसके बाद आरोपी उसे कंपनी का फर्जी रजिस्ट्रेशन फॉर्म, लेटर और इनवॉइस भेजकर सिक्योरिटी मनी के नाम पर पैसे ठग लेते थे।
एडीसीपी नीतू सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी शांतनु कुमार इस साइबर रैकेट का मास्टरमाइंड है। उसके साथ विकास कुमार और कई अन्य लोग जुड़े हैं, जिनकी तलाश जारी है।
साइबर क्राइम प्रभारी विदुष सक्सेना ने बताया कि विकास कुमार पहले भी महाराष्ट्र में साइबर फ्रॉड के केस में जेल जा चुका है। टीम अब इनके बैंक खातों, सर्वर और डिजिटल वॉलेट की जांच कर रही है।
अधिकारियों ने जनता को चेतावनी दी है कि फ्रेंचाइजी ऑफर या इनवेस्टमेंट प्लान के नाम पर किसी भी वेबसाइट या विज्ञापन की जांच आधिकारिक कंपनी पोर्टल से ही करें, ताकि ऐसे साइबर गिरोहों से बचा जा सके।







