जालंधर (पंजाब)- पंजाब के फगवाड़ा शहर में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार सुबह एक समन्वित कार्रवाई करते हुए विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन पर बड़ा छापा मारा। अचानक हुई इस रेड से उद्योग जगत में हलचल फैल गई। टीम ने ओपल इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (OEC) के चार अलग-अलग परिसरों पर एक साथ कार्रवाई की।
निर्यात में फर्जीवाड़ा और नियमों की अनदेखी का संदेह
जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी कई देशों को इंजीनियरिंग उपकरण भेजती थी, लेकिन निर्यात भुगतान को लेकर बड़े स्तर पर अनियमितताएं पाई गईं। प्राथमिक जांच में सामने आया कि भुगतान वैध चैनलों की जगह थर्ड पार्टी खातों के माध्यम से घुमाया गया और कुछ रकम सीधे निजी खातों में जमा की गई। यही नहीं—इन लेनदेन के लिए न तो कोई अधिकृत करार मौजूद था और न ही किसी प्रकार का औपचारिक दस्तावेज़।
छापेमारी के दौरान ईडी ने 22 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और कई अहम दस्तावेज़ जब्त किए।
फर्जी कस्टम ईमेल से निर्यात को ‘वैध’ दिखाने का आरोप
जांच के दौरान यह खुलासा भी हुआ कि कंपनी ने अपने निर्यात को वैध ठहराने के लिए नकली कस्टम विभाग के ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया। बताया जा रहा है कि कंपनी ने सीरिया, ईरान, तुर्की और कोलंबिया को भेजे गए माल के भुगतान में नियमों को पूरी तरह दरकिनार किया था।
ईडी ने आधिकारिक रूप से साझा की जानकारी
14 नवंबर 2025 को हुई इस कार्रवाई की जानकारी ईडी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा की। फगवाड़ा के औद्योगिक क्षेत्र में यह छापेमारी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है।







