नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल (39) की सनसनीखेज हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक बड़े और खौफनाक नेक्सस का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल से किरायेदार दंपती—राम प्रसाद दास और उसकी पत्नी बनश्री दास को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं। आरोपियों ने महज डेढ़ महीने पहले ही प्रोफेसर की करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए इस जघन्य हत्याकांड की साजिश रच ली थी।
करोड़ों की प्रॉपर्टी और खूनी नीयत
जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी राम प्रसाद दास पिछले तीन सालों से पश्चिम बंगाल के बर्धवान में स्थित प्रोफेसर देबोस्मिता के 1200 गज के आलीशान मकान में किराये पर रह रहा था। इस प्रॉपर्टी की कीमत करोड़ों में है। कुछ समय पहले जब प्रोफेसर ने मकान खाली करने का दबाव बनाया और बात न मानने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तो किरायेदार दंपती ने उन्हें रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
बेटे को बनाया ढाल, उस्तरे और मूसली से किया वार
हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी अपने 13 साल के मासूम बेटे को ढाल बनाकर दिल्ली लाए थे। आरोपी अपने साथ बैग में मूसली, उस्तरा और कई जोड़ी कपड़े छिपाकर लाए थे। 3 जून की रात वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में आरोपियों ने प्रोफेसर पर मूसली से ताबड़तोड़ वार किए और फिर उस्तरे से कलाई की नसें काट दीं। इस पूरी खौफनाक वारदात को उनके नाबालिग बेटे के सामने अंजाम दिया गया।
सीसीटीवी और ‘मास्क’ ने खोला राज
वारदात के बाद शातिर दंपती ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कई बार कपड़े बदले। वे कैब और ऑटो बदलकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे और पूर्वा एक्सप्रेस से बंगाल फरार हो गए। हालांकि, रेलवे स्टेशन पर घबराहट में पत्नी बनश्री दास ने अपना मास्क उतार दिया, जिससे उनकी पहचान सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। दिल्ली पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से पीछा करते हुए आरोपियों को बंगाल के बर्धवान स्थित उनके घर से दबोच लिया।
फर्जी पुलिस ID और कीमती सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतका का मोबाइल, 25 महंगी घड़ियां, राम प्रसाद के नाम का पश्चिम बंगाल पुलिस का फर्जी आईकार्ड और टीटी (TT) की नेमप्लेट बरामद की है। फिलहाल पुलिस इस बात की कानूनी जांच कर रही है कि वारदात में 13 वर्षीय नाबालिग बेटे की क्या भूमिका थी।







