नई दिल्ली – दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक बड़े ऑनलाइन निवेश घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों—प्रवाश चंद्र पांडा (43), प्रीतम रोशन पांडा (27) और श्रीतम रोशन पांडा (24)—को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह साइबर गिरोह देशभर में फैले म्यूल अकाउंट्स के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम देता था। इस सिंडिकेट से लगभग 165 साइबर अपराध शिकायतें जुड़ी हुई पाई गईं।
अपराध शाखा के डीसीपी आदित्य गौतम के अनुसार, जांच टीम ने पता लगाया कि गिरोह खुद को सेबी-मान्यता प्राप्त स्टॉक ब्रोकर के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में पेश करता था। आरोपी पीड़ितों को सेकेंडरी शेयर, प्री-आईपीओ और ऑफ-मार्केट ट्रेड के नाम पर निवेश करने के लिए राजी करते थे। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने बनावट वाले वेब पोर्टल और फर्जी सेबी प्रमाणपत्र भी तैयार किए थे।
शिकायतकर्ता को झांसा देकर आरोपी उसे 49,73,000 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में भेजने के लिए मजबूर करने में सफल रहे। बाद में पता चला कि ये सभी खाते ओडिशा में सक्रिय एक संगठित नेटवर्क द्वारा संचालित म्यूल अकाउंट्स थे। जांच में मेसर्स श्रीजी अपैरल्स के बैंक खाते को ठगी के पैसों को इकट्ठा करने और आगे लॉन्डर करने में मुख्य कड़ी के रूप में पहचाना गया।
वित्तीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस गिरोह ने म्यूल अकाउंट्स, शेल कंपनियों और तेज़ी से नकदी निकासी की एक जटिल परतदार प्रणाली विकसित की थी, जिसके सहारे ठगी का पैसा छिपाया और आगे कहीं और भेजा जाता था। पांच अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर की गई, जिनमें श्रीजी अपैरल्स का खाता भी शामिल था, जिसे गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी मिलकर संचालित करते थे।
गिरोह पीड़ितों को आकर्षक निवेश योजनाओं का झांसा देकर त्वरित लेन-देन कराता था, जिससे करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में है।







