उत्तर प्रदेश। शाहजहांपुर के चौक कोतवाली क्षेत्र निवासी किसान शरद चंद्र सक्सेना को जालसाजों ने फर्जी कानूनी कार्रवाई में फंसाने का झांसा देकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया और 14 दिन तक वीडियो कॉल पर अलग-अलग नाम से एजेंसी अधिकारी बनकर धमकाते रहे। जमानत और आरोपमुक्ति के नाम पर उनसे कुल एक करोड़ चार लाख 47 हजार रुपये चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। इसके बाद ठगों ने फोन बंद कर दिए।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह रकम आगे 40 अलग-अलग खातों में भेज दी गई। एसपी सिटी देवेंद्र सिंह के निर्देशन में साइबर सेल ने ट्रांजेक्शन को ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस ने खुलासा किया कि एक हैदराबाद के कॉर्पोरेट खाते में 71 लाख रुपये भेजे गए, जहां उसी दिन तीन करोड़ रुपये का कुल लेनदेन हुआ था। खाता धारक ने पहले ही साइबर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस जांच में सात लोगों की संलिप्तता पाई गई, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
सचिन अहिरवार (झांसी)
प्रशांत कटारा (आगरा)
गौतम सिंह उर्फ लखनऊ ठाकुर (नई दिल्ली) – MBA डिग्रीधारी
संदीप कुमार पुंडीर (बुलंदशहर)
सैयद सैफ उर्फ सोनू (फरीदाबाद)
आर्यन शर्मा (गाजियाबाद)
पवन यादव (टीकमगढ़, म.प्र.)
ये सभी एक फिनटेक साइबर ठग गिरोह से जुड़े हैं और कमीशन के आधार पर साइबर ठगी में संलिप्त थे। पुलिस ने इनके पास से नौ मोबाइल फोन, सात डेबिट कार्ड और एक पासबुक बरामद की है। गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश अभी जारी है।







