हल्द्वानी। नैनीताल पुलिस ने एसएससी परीक्षा में नकल कराने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने हल्द्वानी के एक होटल से गैंग के सरगना सहित कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो ऑनलाइन परीक्षा में अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर पास कराने की साजिश रच रहे थे।
एसएसपी नैनीताल प्रीति प्रियदर्शिनी ने बताया कि पुलिस को हल्द्वानी में सक्रिय एक नकल गिरोह की सूचना मिली थी, जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हल्द्वानी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई। रविवार को टीम ने टीपीनगर क्षेत्र स्थित होटल ‘जलविक’ के कमरे नंबर 103 में छापेमारी कर गैंग के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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सुनील कुमार (गैंग लीडर), निवासी बागपत (उ.प्र)
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परविंदर कुमार (गैंग लीडर), निवासी देहरादून (मूल निवासी बागपत)
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रमाकांत शर्मा उर्फ राहुल, निवासी बुलंदशहर
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अभिषेक कुमार, निवासी हाथरस
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विशाल गिरी, निवासी मेरठ (वर्तमान: हरिद्वार)
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आफताब खान, निवासी मुजफ्फरनगर
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अरुण कुमार, निवासी मुजफ्फरनगर
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शिव सिंह, निवासी हाथरस
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जसवीर सिंह, निवासी रोहतक (हरियाणा)
पुलिस ने मौके से 2 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, एक वाई-फाई डोंगल और चार्जर बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि गिरोह लंबे समय से आपस में संपर्क में था और आर्थिक तंगी व कर्ज के कारण इस योजना को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था।
गिरोह की योजना थी कि किसी डिजिटल लाइब्रेरी को किराए पर लेकर ऑनलाइन परीक्षा के दौरान सॉल्वर कैंडिडेट्स की मदद से एनीडेस्क और रिमोट एक्सेस टूल्स के जरिए अभ्यर्थियों को नकल करवाई जाए। इसके एवज में हर कैंडिडेट से 4 लाख रुपये तक वसूले जाने थे।
सुनील और परविंदर ने दिसंबर 2024 में ‘ज्ञानकोश डिजिटल लाइब्रेरी’ को देहरादून निवासी दीपक कन्नौजिया से किराए पर लिया था, जहां से पूरे ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी। गिरोह का लक्ष्य 6 अगस्त को होने वाली एसएससी परीक्षा में नकल करवाकर मोटी कमाई करना था।
पुलिस की इस सफल कार्रवाई पर एसएसपी ने टीम को 2500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।







