कानपुर- कानपुर के पतारा क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक बगीचे में 25 वर्षीय युवती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। युवती करीब छह माह की गर्भवती थी। शव के मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम के साथ डॉग स्क्वॉड को भी जांच के लिए बुलाया गया।
मृतका की पहचान पतारा कस्बा निवासी रेनू सोनकर के रूप में हुई है। उसका शव तिलसड़ा रोड पर शराब ठेके से करीब 500 मीटर दूर एक बगीचे में पेड़ के नीचे मिला। पुलिस के अनुसार, युवती के शरीर पर पहली नजर में चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौके पर उसका दुपट्टा जमीन पर बिछा हुआ था और उसी के ऊपर शव रखा था।
घटनास्थल के आसपास छोटे वाहन या ई-रिक्शा के टायरों के निशान भी मिले हैं। डॉग स्क्वॉड घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर केवड़िया रोड तक गया। इन परिस्थितियों के आधार पर पुलिस शव को कहीं और से लाकर बगीचे में छोड़े जाने की आशंका से भी जांच कर रही है।
परिजनों के अनुसार, रेनू का एक युवक से प्रेम संबंध था और वह उसके साथ शादी करना चाहती थी। परिवार का दावा है कि युवती छह माह की गर्भवती थी, जबकि उसका कथित प्रेमी शादी के लिए तैयार नहीं था। इसी वजह से परिवार और ग्रामीणों ने युवक की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिजनों ने बताया कि रेनू करीब एक माह से घर पर नहीं थी। 11 जुलाई को वह घर से निकली थी और फोन पर उसने रामादेवी के आसपास होने की जानकारी दी थी। इसके बाद उससे संपर्क नहीं हो सका। गुरुवार को परिवार को उसके शव के बगीचे में मिलने की सूचना मिली।
रेनू के शव पर बिंदी और पैरों में बिछिया मिली। उसकी मांग में सिंदूर के स्थान पर लिपस्टिक लगाए जाने की बात भी सामने आई है। घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। युवती का मोबाइल और अन्य सामान भी मौके से बरामद नहीं हुआ।
पुलिस ने शव का पैनल से पोस्टमार्टम कराया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई। पोस्टमार्टम के दौरान गर्भ में करीब छह माह का भ्रूण मिला, जिसे डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। जांच के जरिए बच्चे के जैविक पिता की पहचान करने की कोशिश की जाएगी।
मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस को जहरीला पदार्थ खाने की आशंका है, जिसके चलते विसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच, डीएनए रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







