रुधौली (सिद्धार्थनगर)। सिद्धार्थनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बांसी कोतवाली क्षेत्र की 30 वर्षीय महिला प्रीति का गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। उसका शव बृहस्पतिवार सुबह रुधौली नगर पंचायत के कामता प्रसाद नगर वार्ड स्थित लक्ष्मी देवी कन्या इंटर कॉलेज के पास एक बगीचे में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। महिला के शरीर पर गले, चेहरे और पेट में गंभीर घाव पाए गए, जिससे साफ है कि इस वारदात को अत्यंत क्रूरता के साथ अंजाम दिया गया है।
शव के पास मिले आधार कार्ड से महिला की पहचान प्रीति पत्नी बाबूलाल, निवासी इंदिरानगर वार्ड, गंगोली (बांसी) के रूप में हुई। पुलिस को घटनास्थल से शराब और पानी की बोतलें, नमकीन के पैकेट भी मिले हैं, जिसके चलते हत्या से पहले किसी तरह की साजिश या गतिविधि की आशंका जताई जा रही है। मृतका का तीन वर्षीय बेटा दिलखुश भी बगीचे के पास लावारिस हालत में मिला, जिसे पुलिस ने सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया।
मृतका के पति बाबूलाल, जो पेशे से मिठाई कारीगर हैं, ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब तीन बजे प्रीति छोटे बेटे को लेकर घर से निकली थी और रात तक नहीं लौटी। परिवार ने खुद ही खोजबीन की, लेकिन पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई थी।
इसी बीच गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों से महिला का शव मिलने की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुँची और फिर पहचान की प्रक्रिया के बाद परिजनों को बुलाया गया।
पुलिस का कहना है कि हत्या में किसी परिचित या किसी अन्य संदिग्ध की भूमिका की जांच की जा रही है। एएसपी श्याम कांत ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
बच्चा रात में मिला था लावारिस
बुधवार रात करीब नौ बजे दिलखुश एक राहगीर को बगीचे से लगभग 100 मीटर दूर लावारिस हालत में मिला था। बच्चा डरा हुआ था और कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं था। पुलिस पहचान न होने के कारण initially बच्चे को थाने में रखने से हिचकिचा रही थी, लेकिन बाद में दबाव पर उसे रोका गया। गुरुवार को शव मिलने के बाद बाबूलाल ने बच्चे की पहचान की। फिलहाल बच्चा सुरक्षित है और एहतियात के तौर पर उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
लापरवाही पर रुधौली थानाध्यक्ष तलब
लावारिस बालक मिलने के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। थाने में रखने की जगह न होने का हवाला देकर बच्चे को वापस भेजने की कोशिश की गई। मामला सामने आने के बाद सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने स्वतः संज्ञान लेते हुए थानाध्यक्ष और बाल कल्याण अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि बच्चे को मेडिकल, सुरक्षा और संरक्षण प्रक्रिया में रखना अनिवार्य था। संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।







