YouTube से सीखी साजिश, दोस्त को कार समेत जलाया, पत्नी ने कराया अंतिम संस्कार; पुलिस ने रीवा में दबोचा ‘मरा हुआ’ शख्स, DNA से होगी असली पहचान
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया। 45 लाख के कर्ज में डूबे एक युवक ने बीमा क्लेम के लालच में न केवल अपनी ‘मौत’ का नाटक रचा, बल्कि एक निर्दोष युवक को कार में जिंदा जलाकर उसकी जगह खुद को मरा हुआ साबित कर दिया। इस खौफनाक साजिश में उसकी पत्नी भी शामिल थी, जिसने अधजले शव का अंतिम संस्कार तक करवा दिया।
लेकिन पुलिस की सख्त जांच और तकनीकी निगरानी के बाद आखिरकार यह झूठ उजागर हो गया।
रीवा में ज़िंदा मिला ‘मरा हुआ’ सुनील
29-30 जून की रात राजापुर थाना क्षेत्र के सिकरी अमान गांव में एक कार में आग लगने से एक शव बरामद हुआ था। पुलिस को शुरुआत में यह शव जवा कनपुरा (रीवा, मप्र) निवासी सुनील सिंह पटेल का लगा, जिसकी पहचान उसकी पत्नी हेमा सिंह ने की थी। अंतिम संस्कार भी करा दिया गया।
लेकिन सोमवार को एसओजी और थाना राजापुर पुलिस की टीम ने मुखबिर की सूचना पर रीवा जिले के आनंदपुर गांव में छापा मारकर सुनील और उसकी पत्नी हेमा सिंह को जिंदा पकड़ लिया।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि ब्यूटी पार्लर व हार्वेस्टर मशीन के लिए लिए गए 45 लाख के कर्ज को चुकाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में पति-पत्नी ने मिलकर दो करोड़ का बीमा करवाया और इंटरनेट से सीखा कि खुद को मृत दिखाकर बीमा क्लेम कैसे लिया जा सकता है।
योजना के मुताबिक, सुनील ने अपनी कद-काठी के मिलते-जुलते एक अंजान युवक की तलाश शुरू की। 28 जून को उसे कनपुरा निवासी विनय चौहान मिला, जो नशे का आदी था। सुनील ने दोस्ती का नाटक कर उसे बार-बार शराब पिलाई और 29 जून को अपने साथ ले गया।
रास्ते में एक सुनसान जगह पर कार खड़ी कर विनय को सीट पर बैठाया गया। फिर गैस सिलिंडर की पिन खोली, कपूर शरीर पर और गाड़ी में छिड़का और शीशे के रास्ते जलता कपूर डालकर बाहर निकल गया। देखते ही देखते कार में धमाका हो गया।
अंधेरे का फायदा उठाकर वह प्रयागराज होते हुए रीवा पहुंच गया और साढ़ू के घर में छिप गया।
पत्नी ने निभाई आखिरी रस्म, लेकिन साजिश में थी पूरी भागीदार
सुनील की पत्नी हेमा ने न केवल शव की पहचान की, बल्कि पूरे विश्वास के साथ अंतिम संस्कार भी करवा दिया। लेकिन पुलिस को मामला संदिग्ध लगा और उन्होंने मृतक की पहचान पुख्ता करने के लिए डीएनए जांच शुरू की।
पुलिस ने रीवा से चित्रकूट तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल लोकेशन से सुराग जुटाए। अंततः दंपती को पकड़ लिया गया। मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसके भाई विकास को बुलाकर डीएनए सैंपल लिया गया है।
एसपी अरुण कुमार सिंह ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को ₹10,000 इनाम देने की घोषणा की है।







