बठिंडा। घोड़ों के व्यापार में मोटे मुनाफे का झांसा देकर एक शैलर मालिक से एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को नथाना थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान मेवा सिंह और गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। इस ठगी से आहत होकर शैलर मालिक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की थी।
पुलिस के अनुसार, अक्तूबर 2025 में आरोपियों ने अपने साथी हरप्रीत सिंह के साथ मिलकर बठिंडा के शैलर मालिक सुलतान गर्ग से संपर्क किया था। आरोपियों ने उन्हें घोड़ों के व्यापार में भारी मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया और महंगे दाम पर घोड़ा बेचने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद आरोपियों ने सुलतान गर्ग से एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम लेकर उन्हें अपेक्षाकृत कम कीमत का घोड़ा थमा दिया।
ठगी का खुलासा होने पर बढ़ा मानसिक दबाव
मृतक के बेटे शैफी गर्ग ने बताया कि उनके पिता को पशुपालन का शौक था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने यह भी भरोसा दिया था कि खरीदे गए घोड़े को आगे ऊंचे दामों पर बिकवाने में वे पूरी मदद करेंगे। जब सुलतान गर्ग को इस ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें लगातार टाल दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के चलते सुलतान गर्ग ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। इसके बाद परिवार की शिकायत पर नथाना थाना पुलिस ने मेवा सिंह, गुरप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
भुच्चो के डीएसपी प्रीतपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मेवा सिंह और गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
कई राज्यों में फैला ठगी का नेटवर्क
परिजनों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह गिरोह केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा और राजस्थान में भी सक्रिय है। आरोप है कि गिरोह पंजाब में घोड़ों और अन्य राज्यों में ऊंटों के व्यापार के नाम पर लोगों से ठगी करता है। एक अन्य पीड़ित टेक सिंह ने दावा किया कि आरोपी उसके साथ भी लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर चुके हैं।
पीड़ित पक्ष ने मामले में बड़े स्तर पर जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि निष्पक्ष और गहन जांच की जाए तो गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और कथित संरक्षण देने वालों का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।







