गाजियाबाद- मोदीनगर पुलिस ने पंचायत चुनाव से पहले अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक शातिर बदमाश पुलिस को चकमा देकर पिस्टल के साथ फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से .32 बोर के 30 कारतूस बरामद किए हैं। हथियारों की यह डील 90 हजार रुपये में तय हुई थी।
पुलिस को मिली गुप्त सूचना, मौके पर मारा छापा
एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि सोमवार सुबह पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग अवैध हथियारों की डीलिंग करने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी और तिबड़ा-मानकी रजवाहे के पास तीन संदिग्धों को देखा।
जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, वे मौके से भागने लगे। पुलिस ने दो को दबोच लिया, जबकि तीसरा आरोपी पिस्टल लेकर फरार हो गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए बदमाशों की पहचान
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चिराग सांगवान, पुत्र विपिन सांगवान, निवासी खंजरपुर, मोदीनगर
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और आदित्य चौधरी उर्फ जोशी, निवासी जलालाबाद, मुरादनगर (फिलहाल रह रहा था ओलीव ग्रीन, मेरठ)
के रूप में हुई है।
फरार आरोपी की पहचान समर्थ सांगवान पुत्र राजेंद्र (निवासी तिबड़ा रोड) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का सरगना सन्नी सांगवान है, जिसकी तलाश की जा रही है।
ऑनलाइन डील और पंचायत चुनाव की तैयारी
पूछताछ में सामने आया कि आदित्य चौधरी ने 90 हजार रुपये में एक पिस्टल और 30 कारतूस खरीदने की डील की थी। हथियारों की यह खेप पंचायत चुनाव के दौरान इस्तेमाल की जानी थी। आदित्य इसे लेने मोदीनगर पहुंचा था, जहां चिराग और समर्थ उसे डिलिवरी देने आए थे। लेकिन पुलिस ने ऐन वक्त पर पहुंचकर साजिश नाकाम कर दी।
हथियारों की ऑनलाइन सप्लाई का नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह एनसीआर क्षेत्र में अवैध हथियारों की ऑनलाइन सप्लाई करता था। आरोपी चुनावों से पहले हथियारों का भंडारण कर रहे थे, जिससे समय पर डिमांड पूरी की जा सके।
फिलहाल फरार आरोपियों और सरगना की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।







