उत्तर प्रदेश। आगरा में 24 मार्च 2021 को भाइयों के विवाद की सूचना पर पहुंचे दरोगा प्रशांत यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चर्चित मामले में सोमवार को कोर्ट का फैसला आ गया। जिला जज विवेक संगल ने हत्या में आरोपी विश्वनाथ को दोषी पाया। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण यह रहा कि जिस भाई ने सूचना दी थी, वह अपने पूर्व के बयान से मुकर गया। इसके बावजूद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
घटना खंदौली थाना क्षेत्र के नहर्रा गांव की है। गांव में विजय सिंह के बेटे शिवनाथ और विश्वनाथ के बीच आलू के हिस्से को लेकर विवाद चल रहा था। खेत में आलू की खुदाई चल रही थी। विश्वनाथ तमंचा लेकर पहुंचा था। मजदूरों को धमका रहा था। 24 मार्च 2021 को शिवनाथ की सूचना पर खंदौली थाने के दरोगा प्रशांत यादव और सिपाही चंद्रसेन पहुंचे थे। तमंचा लेकर घूम रहे विश्वनाथ को दरोगा ने पीछा करके पकड़ने का प्रयास किया था। उसने दरोगा पर गोली चला दी थी। दरोगा की गर्दन में गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले में सिपाही चंद्रसेन की तहरीर पर हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने 27 मार्च को आरोपी विश्वनाथ को बाह स्थित कमतरी पुल से गिरफ्तार किया था।







