मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली के मोहल्ला न्याजूपुरा में चाहत हत्याकांड में पुलिस महत्वपूर्ण सवालों का जवाब नहीं ढूंढ सकी है। चाहत कौन थी और उसका परिवार कहां रहता है। मौलाना की जानकारी भी पुलिस नहीं जुटा सकी है। उधर, आरोपी युवक के परिजन भी घर पर ताला लगाकर कहीं चले गए हैं। आरोपी के घर व डेयरी पर भी ताला लगा है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने चाहत का शव उसके ससुराल वालों को सौंप दिया। चाहत की शादी सात माह पहले ही हुई थी। शादी की इस अल्प अवधि में ही उसके पति ने उसकी हत्या कर दी। चाहत की हत्या के बाद से क्षेत्र के लोग चुप हैं, लेकिन घटना से सभी स्तब्ध हैं। लोगों में घटना को लेकर चर्चा तो है, लेकिन कोई घटना के बारे में बोल नहीं रहा है।
इसके बाद भी क्षेत्र की महिलाओं ने केवल इतना बताया कि चाहत कम आयु की थी। सुंदर थी। वह पंजाबी कल्चर के कपड़े पहनने की शौकीन थी। प्रेम प्रसंग में शादी करने वाली चाहत हिंदू थी या मुस्लिम, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। शहर कोतवाली पुलिस का कहना है कि चाहत के परिजनों के बारे में जानकारी नहीं मिली है। चूंकि उसने अरबाज से शादी की थी, इसी के चलते पोस्टमार्टम कराने के बाद शव अरबाज के पिता को सौंप दिया। अरबाज जिस मकान में किराए पर रह रहा था, उसने उसे सात माह पहले शादी के बाद ही किराए पर लिया था। अरबाज के पकड़े जाने के बाद इस मकान के अलावा उसके माता-पिता के घर पर भी ताले लगे हैं। उसके माता-पिता कहीं चले गए हैं।
मोहल्ला न्याजूपुरा निवासी अरबाज ने उत्तराखंड के कोटद्वार की निवासी चाहत के साथ सात माह पहले शादी की थी। वह उसे अपने परिजनों से अलग किराये के कमरे में लेकर रहता था। परिवार का पालन पोषण करने के लिए अपने माता-पिता के घर से चंद कदमों की दूरी पर उसने दूध की डेयरी खोली थी। दोनों ने प्रेम प्रसंग में शादी थी। अरबाज ने एक सप्ताह पहले अपने साथी शाहरुख की मदद से अपनी पत्नी चाहत की गर्दन व हाथ के पंजे काटकर हत्या कर शव को बोरे में भर काली नदी में फेंक दिया था। बुधवार की रात दोनों आरोपी युवक बोरे को काली नदी के पानी में बहाने के लिए गए थे, तब अरबाज को पकड़ लिया गया था। शाहरुख फरार हो गया था। पुलिस ने शव को बारे से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
कोतवाली पुलिस का कहना था कि अरबाज व चाहत की पहली मुलाकात एक ताबीज बनाने वाले मौलाना के यहां हुई थी। यह पता चलने के बाद भी अभी तक पुलिस न्याजूपुरा निवासी मौलाना को अभी तक तलाश नहीं कर पाई है। न ही चाहत के परिजनों के बारे में जानकारी जुटा सकी है। न्याजूपुरा के लोग दबी जुबान में बताते हैं कि अरबाज व उसकी पत्नी में कभी-कभी झगड़ा भी होता था। तब कुछ लोग उनके यहां समझाने के लिए आते थे। यह कौन थे, किसी को नहीं पता है।







