पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। एसएसपी के निर्देश पर थाना गदरपुर पुलिस और एसओजी को मिलाकर 4 अलग-अलग टीमें गठित की गईं। एएसपी काशीपुर अभय प्रताप सिंह और सीओ बाजपुर अनुषा बडोला की टीम ने बुधवार को मुखबिर की सूचना पर एनडीआरएफ कैंप के पास से दो संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया। उन्होंने अपने नाम रोहित पुत्र धरम सिंह और मोहित पुत्र रामपाल सिंह निवासी लगड़ाभोज थाना गदरपुर बताए। तलाशी लेने पर उनके पास से दो मोबाइल व 250 रुपये बरामद हुए। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने विशाल की हत्या करना कबूल किया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि विशाल उसकी साली पर गलत नीयत रखता था और लंबे समय से डीजे में हिस्सेदारी के पैसे मांग रहा था।
इस कारण उनका आपस में मनमुटाव चल रहा था। घटना वाले दिन बेरिया दौलत में एक पार्टी में डीजे का काम पूरा कर वे घर वापस आए तो विशाल ने हिस्सेदारी के पैसे मांगने शुरू कर दिए। इस पर उससे तीखी बहस व हाथापाई हो गई। रोहित ने बताया कि इस दौरान उसने और मोहित ने विशाल के पैर व सिर पर डंडे से कई वार कर दिए। घटना को हादसे का रूप देने के लिए विशाल के शव को बाइक से दिनेशपुर अंडरपास की सर्विस रोड पर उतरकर हाईवे से नीचे लुढ़का दिया। इसके बाद दोनों घर आ गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक विशाल के जूते और घटना में प्रयुक्त आलानकब, एक डंडा व घटना में प्रयुक्त बाइक को बरामद कर लिया है।







