गुड़गांव। धर्म परिवर्तन न कर ईसाई ना बनना एक परिवार को भारी पड़ गया। करीब 20 लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर घर में तोड़फोड़ कर दी। पीड़ित ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, गांव झांझरौला खेड़ा निवासी जितेंद्र ने बताया कि गांव में ही रहने वाला बीर सिंह 20 साल से ईसाई धर्म का व्यवहार करता है और घर पर चर्च चलाता है। आरोप है कि बीर सिंह की पत्नी ने जितेंद्र की पत्नी को धर्म परिवर्तन करने के लिए दो लाख रुपए देने का प्रलोभन दिया था। बीर सिंह ने उसे 50 हजार रुपए और बतिस्मा लेने की बात कहकर उसे धर्म परिवर्तन का प्रलोभन दिया था, लेकिन उसने मना कर दिया।
आरोप है कि इसके बाद त्रिवेंदर ने भी उसे एक लाख रुपए लेकर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया। मना करने पर आरोपियों ने उनके ससुराल वालों से संपर्क किया और उनके माध्यम से धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया। आरोप है कि दबाव देने के बाद भी जब उन्होंने धर्म परिवर्तन नहीं किया तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उनके घर पर रखे सारे सामान को तोड़ दिया और अलमारी में रखे गहने व कीमती सामान को निकाल लिया। इस बारे में उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर करीब 20 लाेगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
वहीं पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि मामले की जांच के दौरान सामने आया है कि पूरा मामला गाड़ी खड़की करने को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई, लेकिन जांच के दौरान कोई ऐसा तथ्य नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि पीड़ित अथवा उसके परिवार पर दबाव देकर अथवा रुपयों का प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।







