गुरुग्राम। तीन साल पहले सूर्य विहार में लूट की वारदात को अंजाम देते हुए दंपती की चाकू से गोदकर हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने चार आरोपितों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी अशोक, आयुष उर्फ मयंक और विशाल पर 1.25 लाख रुपये का जुर्माना और किशोर पर 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। 26 जून 2020 को लूट के दौरान रेणु और गुड्डू की हत्या कर दी गई थी। दो दिन बाद घर से बदबू आने पर पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। मकान मालिक की शिकायत पर सेक्टर-9ए थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
मकान मालिक आकाश शर्मा ने 28 जून 2020 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने रेणु और गुड्डू को एक साल पहले किराये पर घर दिया था। 28 जून को पड़ोसी ने सूचना दी कि घर से बदबू आ रही है। वह अपने भाई के साथ मौके पर पहुंचे तो दोनों अलग-अलग कमरे में मृत पड़े थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर उत्तर प्रदेश के जिला मैनपुर के गांव नारायणपुर निवासी अशोक उर्फ टीटू के साथ एक किशोर को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू और मृतका रेणु की पासबुक बरामद की थी।
इसके बाद एक दूसरे हत्या के मामले में पुलिस ने सूर्य विहार निवासी आयुष उर्फ मयंक और मध्य प्रदेश के जिला दतिया में सिविल लाइन निवासी विशाल को गिरफ्तार किया। विशाल मानेसर में किराये पर रहता था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा के साथ जुर्माना लगाया है। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि आयुष, अशोक ,विशाल और किशाेर 26 जून को घर में एक साथ घुसे थे। इसके बाद आयुष उर्फ मयंक और किशोर ने एक कमरे में रेणु को पकड़ लिया और अशाेक और विशाल ने गुड्डू को पकड़ लिया। आयुष ने रेणु से पैसे के बारे में जानकारी मांगी तो उसने नहीं दी। इस पर उन्होंने मारपीट की। रेणु ने 40 हजार रुपये के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद आयुष को लगा की रेणु उसे जानती है।ऐसे में वह फंस सकता है। इसलिए उसने रेणु की गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद दूसरे कमरे में गुड्डू के पास गए और मारपीट कर 16 हजार रुपये और रेणु की पासबुक लेकर उनकी भी गर्दन पर चाकू से हमला कर मौके से फरार हो गए।