बहादुरगढ़। सांखौल निवासी 53 वर्षीय व्यक्ति ने अपने दामाद और उसके तीन साथियों पर रास्ता रोककर मारपीट करने, पिस्तौल के बल पर धमकाने और बेटी के तलाक से जुड़े दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़ित के मुताबिक हमले में उसे शरीर पर सात चोटें आईं, जिसके बाद उसने सिविल अस्पताल बहादुरगढ़ में उपचार और मेडिकल कराया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कंपनी से घर लौटते समय रोका
पुलिस को दी शिकायत में सतबीर ने बताया कि वह बहादुरगढ़ स्थित पारले कंपनी में डाई चलाने का काम करता है। 11 अगस्त को करीब दोपहर दो बजे छुट्टी होने के बाद वह साइकिल से अपने गांव सांखौल जा रहा था। आरोप है कि रूपाली ढाणी के पास सूर्य कंपनी से पहले पीछे से आई एक सफेद रंग की कार ने उसकी साइकिल के पास आकर रास्ता रोक दिया।
सतबीर के अनुसार, कार से चार युवक बाहर आए, जिनमें उसका दामाद हर्ष निवासी इस्माइला ग्यारह-बी पाना भी शामिल था।
लात-घूंसों से पीटने का आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि हर्ष ने उसके साथ थप्पड़, घूंसों और लातों से मारपीट की। इसके बाद उसकी कनपटी पर पिस्तौल लगाकर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। सतबीर का कहना है कि हर्ष के साथ आए तीन अन्य युवकों ने भी उसका हाथ मरोड़ा और उसे जमीन पर गिराकर मारपीट की।
तलाक के कागजात पर साइन कराने का आरोप
सतबीर ने शिकायत में आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान हर्ष उस पर उसकी बेटी के तलाक से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रहा था। आरोप है कि हस्ताक्षर नहीं करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
घटना के बाद घायल सतबीर ने सिविल अस्पताल बहादुरगढ़ में अपना इलाज कराया और मेडिकल करवाने के बाद पुलिस को शिकायत दी। पीड़ित ने आरोपियों से अपने और परिवार की सुरक्षा को खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।







