वाराणसी: पूर्वोत्तर भारत से गुजरात भेजी जा रही बाल श्रम की एक बड़ी खेप को आरपीएफ (RPF) की तत्परता से बचा लिया गया है। गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 15636) से तस्करी कर ले जाए जा रहे 14 से 16 वर्ष की आयु के छह बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। इन बच्चों को गुजरात की एक फैक्ट्री में बाल मजदूर के रूप में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था।
कैंट आरपीएफ की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन पर छापेमारी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके से दो मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की AHTU टीम भी मौके पर पहुंचकर गिरोह के नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्चों को बाल श्रम के नरक में झोंकने वाले इस अंतरराज्यीय गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाले जा रहे हैं। वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में मानव तस्करी रोकने के लिए जांच अभियानों को और तेज़ कर दिया गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें।







