नोएडा- नोएडा के सेक्टर-110 स्थित महर्षि आश्रम ट्रस्ट की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन की कथित फर्जी बिक्री मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईडी की टीम ने सेक्टर-100 और सेक्टर-105 में छापेमारी करते हुए दो आरोपियों जी रामचंद्र मोहन और आकाश मालवीय को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी इस पूरे मामले को बड़े जमीन घोटाले के रूप में देख रही है और इसमें इस्तेमाल की गई धनराशि के स्रोत की भी जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, स्पिरिचुअल रिजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एसआरएमएफ) ट्रस्ट की 3.36 हेक्टेयर जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचे जाने का आरोप है। ईडी जांच में सामने आया कि जी रामचंद्र मोहन ने खुद को ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष बताकर फर्जी पैन कार्ड और दस्तावेज तैयार किए, जबकि आकाश मालवीय ने ट्रस्ट का कार्यकारी सदस्य बनकर कथित तौर पर फर्जी सेल डीड पर हस्ताक्षर किए।
बताया जा रहा है कि नोएडा के गेझा तिलपताबाद क्षेत्र की यह जमीन वर्ष 2024-25 में सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को बेची गई थी। जांच के दौरान कंपनी के निदेशक प्रदीप सिंह की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। ईडी का आरोप है कि जमीन ट्रस्ट की होने की जानकारी के बावजूद खरीद-फरोख्त की गई और बाद में इसे अन्य पक्षों को बेचकर रकम को ठिकाने लगाने की कोशिश हुई।
ईडी की कार्रवाई उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई है। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपियों ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, जाली बोर्ड प्रस्ताव और नकली प्राधिकरण पत्रों के जरिए ट्रस्ट की प्राइम लोकेशन वाली जमीनों का सौदा किया। इन संपत्तियों की कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये बताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान ईडी ने कई अहम दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। साथ ही सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और लॉकरों पर रोक लगा दी गई है। एजेंसी ने टोयोटा हाइब्रिड, लैंड रोवर डिफेंडर और महिंद्रा थार रॉक्स जैसी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की हैं।
ट्रस्ट प्रतिनिधि श्रीकांत ओझा का कहना है कि जी रामचंद्र मोहन पहले भी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-तखतपुर स्थित ट्रस्ट की 77 एकड़ जमीन फर्जीवाड़े से बेच चुका है। उस मामले में अदालत ट्रस्ट के पक्ष में फैसला दे चुकी है और जमीन वापस मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि नोएडा की जिस जमीन को बेचा गया, वहां आश्रम का एसटीपी और छात्रावास बना हुआ है।







