लखनऊ: फर्जी दस्तावेजों के जरिए मुद्रा लोन में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। स्पेशल टास्क फोर्स ने कार्रवाई करते हुए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक नितिन चौधरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली में तैनात था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान बरामद किए गए हैं।
100 से ज्यादा लोगों के नाम पर फर्जी लोन
जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा था, जिसमें बैंक कर्मियों के साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले लोग भी शामिल थे। इस गिरोह ने 100 से अधिक लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से मुद्रा लोन पास कराकर करोड़ों रुपये की ठगी की।
ऐसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह आधार और पैन कार्ड में छेड़छाड़ कर फोटो बदल देता था। इसके बाद फर्जी कंपनियां बनाकर उनके नाम पर लोन स्वीकृत कराया जाता था। लोन की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर आपस में बांट ली जाती थी।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में एसटीएफ पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरोह के मास्टरमाइंड आमिर एहसान को फरवरी 2026 में पकड़ा गया था। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।







