ग्रेटर नोएडा- ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो सरकारी स्वास्थ्य योजना के नाम पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अस्पतालों में इलाज कराने का खेल चला रहा था। थाना बिसरख पुलिस की कार्रवाई में इस नेटवर्क से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था। उन्हें सस्ते या मुफ्त इलाज का लालच देकर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम और पहचान पर अस्पताल में भर्ती कराया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में नकली कार्ड और पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे अस्पतालों को भी गुमराह किया जाता था।
जांच में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसमें एक महिला को किसी अन्य व्यक्ति की पहचान पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, लेकिन इसके बावजूद असली पहचान छिपाकर कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई। इस घटना ने पूरे मामले को उजागर कर दिया।
पूछताछ में पता चला है कि गिरोह सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराता था। इसके बदले मरीजों या उनके परिजनों से मोटी रकम वसूली जाती थी। गिरोह के सरगना और उसके सहयोगी लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे और पहले भी इस तरह के मामलों में पकड़े जा चुके हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनकी मदद से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे रैकेट में कुछ अस्पताल कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है, जिसकी जांच जारी है।







