फतेहाबाद। नाबालिग के साथ दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक अदालत ने आरोपी को कठोर सजा सुनाते हुए न्याय का मजबूत संदेश दिया है। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश (स्पेशल जज–कम–फास्ट ट्रैक) की अदालत ने दोषी अभिजीत को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने कहा कि इस प्रकार के जघन्य अपराध समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
मामले के अनुसार, पीड़िता के पिता ने अक्टूबर 2024 में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी कई महीनों से बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने प्रभाव में ले रहा था। बाद में उसने सुनसान स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया और विरोध करने पर धमकी दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराया।
न्यायालय ने विभिन्न धाराओं के तहत सजा के साथ कुल 1.70 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश के अनुसार, इस राशि में से 1 लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे, जबकि शेष राशि राज्य कोष में जमा होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह फैसला समाज में यह स्पष्ट संदेश देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।







