नई दिल्ली- दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में दिनदहाड़े हुए कारोबारी वैभव गांधी हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा होने का दावा करने वाले एक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट जारी कर इस वारदात की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई है। पोस्ट में दावा किया गया है कि हत्या किसी लूट की कोशिश का हिस्सा नहीं थी, बल्कि कथित तौर पर रंगदारी से जुड़े विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।
दिल्ली पुलिस इस दावे को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्ट के पीछे कौन लोग हैं और उनका गैंग से वास्तविक संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि की जा रही है। साथ ही हमलावरों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं।
फैक्टरी के बाहर बरसाई गई गोलियां
पुलिस के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 12:51 बजे पूठ खुर्द इलाके में गोलीबारी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को जानकारी मिली कि 35 वर्षीय कारोबारी वैभव गांधी को उनकी फैक्टरी के बाहर निशाना बनाया गया। हमलावरों ने उन पर एक के बाद एक कई गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली सिर और तीन गोलियां पैरों में लगीं। गंभीर रूप से घायल वैभव गांधी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
औद्योगिक क्षेत्र में दहशत
घटना के बाद बवाना औद्योगिक क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वैभव गांधी अपने परिवार के साथ फैक्टरी नंबर-133, सेक्टर-4, डीएसआईआईडीसी बवाना में रहते थे। उनके परिवार में पिता सुरेंद्र गांधी सहित अन्य सदस्य हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।







