लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब ऐतिहासिक जामा मस्जिद के बाहर शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी पर हमला कर दिया गया। मस्जिद परिसर में बनी दुकानों के स्वामित्व को लेकर चल रहे पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों पर शाही इमाम के साथ मारपीट और ईंट से हमला करने का आरोप है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया। सूचना मिलने पर थाना डिवीजन नंबर-2 की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नवीनीकरण कार्य के दौरान हुआ विवाद
पुलिस को दी गई शिकायत में जामा मस्जिद के कार्यालय प्रभारी मोहम्मद मुजाहिद ने बताया कि इन दिनों मस्जिद में नवीनीकरण का कार्य चल रहा है, जिसकी निगरानी स्वयं शाही इमाम कर रहे हैं। एक फरवरी की दोपहर करीब तीन बजे जब शाही इमाम निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे, तभी ब्राउन रोड निवासी उबैद उर रहमान, उसका बेटा अतीक उर रहमान और मोहम्मद अहमद वहां पहुंचे और उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि तीनों ने पहले अभद्र भाषा का प्रयोग किया और विरोध करने पर शाही इमाम के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उबैद उर रहमान ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से ईंट उठाकर शाही इमाम पर फेंकी और थप्पड़ भी मारे।
बीच-बचाव करने वालों से भी मारपीट
घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए कार्यालय प्रभारी मोहम्मद मुजाहिद और शाहनवाज अहमद के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। शोर-शराबा सुनकर जब आसपास के लोग इकट्ठा हुए तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
दुकानों के स्वामित्व को लेकर पुराना विवाद
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी मस्जिद परिसर की दुकानों पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं और इसी को लेकर वे पहले भी कई बार शाही इमाम को धमका चुके हैं। पंचायत स्तर पर विवाद सुलझाने के प्रयास भी किए गए, लेकिन आरोपियों के रवैये के चलते कोई समाधान नहीं निकल पाया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दुकानों के मालिकाना हक को लेकर यह मामला पहले से लंबित है। फिलहाल आरोपियों की तलाश जारी है और वायरल वीडियो के आधार पर भी जांच की जा रही है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।







