नई दिल्ली- दिल्ली की मंडोली जेल में बंद कुख्यात अपराधी इरफान उर्फ छेनू पहलवान द्वारा रची जा रही एक सनसनीखेज हत्या की योजना को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने समय रहते विफल कर दिया। पुलिस ने इस टारगेटेड किलिंग की साजिश में शामिल छेनू समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक ने बताया कि एसीपी कैलाश बिष्ट के निर्देशन में इंस्पेक्टर सुनील तेवतिया की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसके बाद 24 जनवरी 2026 की रात जेपीसी अस्पताल, शास्त्री पार्क के पास घेराबंदी कर 22 वर्षीय अदीब निवासी चौहान बांगर को दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से पिस्टल और पांच कारतूस मिले, जिस पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।
पूछताछ में अदीब ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि यह हथियार मंडोली जेल में बंद गैंगस्टर इरफान उर्फ छेनू पहलवान के निर्देश पर हत्या के लिए खरीदा गया था। उसने अपने दो अन्य साथियों फरमान और आमिर के नाम भी उजागर किए। जांच में यह भी सामने आया कि साजिश को अंजाम देने के लिए छेनू के करीबी उस्मान ने पैसों की व्यवस्था की थी और रकम एक चाय की दुकान के मालिक के जरिए शूटरों तक पहुंचाई गई थी।
अदीब की निशानदेही पर पुलिस ने 26 जनवरी को फरमान को और 27 जनवरी को उस्मान को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 28 जनवरी को मुख्य साजिशकर्ता इरफान उर्फ छेनू पहलवान को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फरमान की मुलाकात अदीब से एक ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर में हुई थी। सेंटर से बाहर आने के बाद दोनों एक-दूसरे के लगातार संपर्क में रहे और नशे का सेवन भी साथ करते थे। हाल ही में अदीब ने फरमान को बताया कि उसे छेनू पहलवान से हत्या के लिए पैसे और हथियार मिल चुके हैं। लालच में आकर फरमान भी साजिश में शामिल हो गया और उसे पांच कारतूस दिए गए।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।







