नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस ने अपराध के दो बड़े नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए एक ओर जहां फर्जी इंश्योरेंस कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया, वहीं दूसरी ओर अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह के सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों कार्रवाइयों से संगठित अपराध के कई राज सामने आए हैं।
उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो खुद को इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से ठगी कर रहा था। आरोपी बंद हो चुकी पॉलिसी को दोबारा चालू कराने, नई पॉलिसी पर आकर्षक लाभ और एजेंट कमीशन लौटाने जैसे झांसे देकर देशभर के लोगों को निशाना बनाते थे।
पुलिस छापेमारी में फर्जी कॉल सेंटर से तीन मुख्य आरोपियों समेत कुल 32 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें कॉल सेंटर संचालक और दो सुपरवाइजर शामिल हैं, जबकि बाकी आरोपी टेलिकॉलिंग का काम कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम इकट्ठा करता था।
उधर, अपराध शाखा ने एक अलग कार्रवाई में अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह के मुखिया को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। जांच में पता चला कि यह गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों से लग्जरी गाड़ियां चोरी कर उनके फर्जी दस्तावेज तैयार करता था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह दुर्घटनाग्रस्त और पूरी तरह खराब वाहनों के कागजात जुटाकर उन्हीं दस्तावेजों पर चोरी की गाड़ियों को वैध बताकर बाजार में बेच देता था। ग्राहक की मांग के अनुसार खास मॉडल की गाड़ी चोरी कराई जाती थी, जिसके बाद जाली आरसी, बीमा और अन्य कागजात तैयार किए जाते थे।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इन कार्रवाइयों को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।







