बैतूल ( मध्य प्रदेश): बैतूल जिले में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा करते हुए करीब 9.84 करोड़ रुपये की ठगी का मामला उजागर किया है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का संचालन दुबई से किया जा रहा था, जबकि भारत में इसके लिए अलग-अलग स्तर पर एजेंट सक्रिय थे। अब तक पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के अनुसार, एक पुराने साइबर फ्रॉड केस की जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ में इस नेटवर्क की परतें खुलती गईं। इसी कड़ी में कई बैंक खातों, एटीएम कार्ड और डिजिटल लेन-देन से जुड़े अहम सबूत सामने आए। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 20 एटीएम कार्ड, कई पासबुक, चार मोबाइल फोन और एक कार जब्त की है।
पहली कार्रवाई 20 नवंबर 2025 को की गई थी, जब राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 7 दिसंबर को इंदौर निवासी अमित अग्रवाल को हिरासत में लिया गया। जांच में सामने आया कि अंकित राजपूत पूरे नेटवर्क में कैश मैनेजमेंट की अहम भूमिका निभा रहा था और अमित के जरिए उसकी पहचान ब्रजेश महाजन से हुई थी।
पुलिस ने 11 दिसंबर 2025 को दो और प्रमुख आरोपियों—राजेंद्र राजपूत और ब्रजेश महाजन—को गिरफ्तार किया। राजेंद्र पर बैंक खातों से रकम निकालकर आगे पहुंचाने का आरोप है, जबकि ब्रजेश महाजन को इस अवैध ऑनलाइन बेटिंग रैकेट का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, ब्रजेश दुबई से संचालित सट्टा वेबसाइटों की मास्टर आईडी खरीदकर भारत में 25 हजार से 2 लाख रुपये तक में बेचता था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह से जुड़ी कमाई का इस्तेमाल महंगे मकान, लग्जरी कारों और आलीशान जीवनशैली पर किया जा रहा था। पुलिस को कई सक्रिय बेटिंग साइटों के लिंक भी मिले हैं। फिलहाल एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन जांच में जुटी हुई हैं।







