दिल्ली- केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर ठगी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। एजेंसी ने नोएडा से छह लोगों को गिरफ्तार कर ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कथित रूप से अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क क्रिप्टो करेंसी और विदेशी बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर करता था।
सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने नोएडा के साथ-साथ दिल्ली और कोलकाता में भी एक साथ छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने करीब 1.88 करोड़ रुपये नकद, बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव समेत 34 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ठगी से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी एजेंसी एफबीआई से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। जांच के दौरान सीबीआई ने पाया कि आरोपी कॉल और ऑनलाइन माध्यमों से अमेरिकी नागरिकों को डराकर उनसे पैसे ऐंठ रहे थे। सभी छह आरोपियों को ठगी की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल पाए जाने पर मौके से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शुभम सिंह, डाल्टनलियन, जॉर्ज टी. जमलियनलाल, एल. सेइमिनलेन हाओकिप, मंगखोलुन और रॉबर्ट थांगखानखुअल के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को एफबीआई, ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी (डीईए) और सोशल सिक्योरिटी प्रशासन से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों को कॉल करते थे।
आरोपी अमेरिकी नागरिकों को यह कहकर डराते थे कि उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर का इस्तेमाल ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों में हुआ है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई से बचाने के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
सीबीआई के मुताबिक, गिरोह ठगी से जुटाई गई रकम को वर्चुअल डिजिटल एसेट्स और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से छिपाने और स्थानांतरित करने में माहिर था। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, अंतरराष्ट्रीय कड़ियों और धन के पूरे लेनदेन की गहन जांच कर रही है।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सीमा पार साइबर अपराध का गंभीर उदाहरण है और आने वाले दिनों में जांच के दायरे के और विस्तृत होने की संभावना है।







