बिहार। मुजफ्फरपुर स्थित राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल करते हुए मधुबनी जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की। कोसी टोल प्लाज़ा के पास की गई जांच के दौरान टीम ने एक कार से 32 किलो गांजा बरामद किया, जिसे विशेष रूप से तैयार किए गए छिपे हुए खांचे में रखा गया था। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
चेकिंग अभियान के दौरान डीआरआई अधिकारियों को एक कार संदिग्ध लगी। तलाशी लेने पर वाहन में बने सीक्रेट चैम्बरनुमा बॉक्स से 32 किलो गांजा बरामद किया गया। मौके पर ही दो तस्करों—उदयलाल राय और शंभू सरकार—को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी पश्चिम बंगाल के कूचबिहार और जलपाईगुड़ी जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि यह खेप गुवाहाटी (असम) से मधुबनी लायी जा रही थी।
सूत्रों के अनुसार, डीआरआई को इस तस्करी के बारे में पहले से ही पुख्ता गुप्त सूचना मिल चुकी थी, जिसके आधार पर कोसी टोल प्लाज़ा के आसपास वाहनों की सघन जांच शुरू की गई। जांच के दौरान जब संदिग्ध कार को रोका गया, तो उसमें छिपाकर रखे गए गांजे के पैकेट बरामद हुए।
अधिकारियों का कहना है कि तस्करों ने पकड़ से बचने के लिए कार में एक विशेष लकड़ी और फाइबर से तैयार गुप्त बॉक्स बनाया था, जिसमें मादक पदार्थ के बंडल रखे गए थे। इसी रूट पर कुछ समय पहले भी डीआरआई द्वारा एक कंटेनर से 225 किलो गांजा पकड़ा गया था, जिससे अंदेशा है कि यह मार्ग तस्करों का सक्रिय कॉरिडोर बन चुका है।
गिरफ्तार दोनों तस्करों से डीआरआई की टीम विस्तृत पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया में है।







