चंडीगढ़- हरियाणा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष मिशन ‘ऑपरेशन ट्रैक-डाउन’ ने प्रदेश में अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। मात्र 9 दिनों में पुलिस ने वांछित, फरार और इनामी अपराधियों सहित 2,165 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस अभियान ने प्रदेश में संगठित अपराध, गैंगवार और गंभीर अपराधों पर निर्णायक कार्रवाई का संदेश दिया है।
एसटीएफ को बड़ी कामयाबी, गैंगस्टर रोहित गोदारा के शूटर की गिरफ्तारी
अभियान की सबसे अहम उपलब्धियों में से एक है एसटीएफ बहादुरगढ़ यूनिट की कार्रवाई, जिसमें कुख्यात रोहित गोदारा गैंग के सक्रिय सदस्य मनोज उर्फ चोटिया को पकड़ा गया।
आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम था।
उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, दंगा, मारपीट, और आपराधिक साजिश जैसे कई मुकदमे दर्ज हैं।
मनोज ने दिसंबर 2024 में नारनौल कोर्ट परिसर में विरोधी गिरोह के सदस्य पर हमला किया था।
एसटीएफ पिछले एक साल से उसकी तलाश में थी, और 13 नवंबर 2025 को उसे दबोचने में सफलता मिली।
सिरसा पुलिस ने भी दिखाई दबंग कार्रवाई, हत्या का आरोपी 4 साल बाद गिरफ्तार
‘ऑपरेशन ट्रैक-डाउन’ में सिरसा पुलिस ने भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
पुलिस ने 2024 में हुई हत्या के मामले में फरार चल रहे 5 हजार के इनामी अपराधी जोनी को गिरफ्तार किया।
जोनी लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में छुपता फिर रहा था।
एवीटी स्टाफ की टीम ने विशेष सूचना के आधार पर उसे राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के सरदारपुर से गिरफ्तार किया।
अभियान पर पुलिस मुख्यालय का बयान
स्टेट क्राइम ब्रांच के आईजी राकेश आर्य ने बताया कि मिशन का उद्देश्य अपराधियों में भय पैदा करना और राज्य को सुरक्षित बनाना है।
उन्होंने कहा:
“हरियाणा में या तो अपराध छोड़ो या जेल जाने की तैयारी करो।”
अभियान में —
2,165 कुल गिरफ्तारियां
438 हार्डकोर और अंतरराज्यीय अपराधी जेल भेजे गए
118 आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई
13 नवंबर को अकेले 23 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई, जिससे इनपर लगातार निगरानी की जा सके।
अभियान का उद्देश्य: अपराधियों पर सख्त निगरानी
‘ऑपरेशन ट्रैक-डाउन’ के तहत पुलिस न केवल गिरफ्तारी कर रही है, बल्कि ऐसे अपराधियों की प्रोफाइलिंग भी कर रही है जो जमानत के बाद फिर अपराध में लौट आते हैं।
हिस्ट्रीशीट खोलने से पुलिस की चौकसी और निगरानी और अधिक कठोर हो गई है।







