संगठित गिरोह बनाकर करता था वारदातें
पुलिस जांच में सामने आया है कि 44 वर्षीय सुनील उर्फ तोता एक आदतन अपराधी है, जो अपने गिरोह के साथ मिलकर लूट, फिरौती, मारपीट और अवैध हथियारों की तस्करी जैसी घटनाओं को अंजाम देता था।
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपी — 29 वर्षीय संदीप और रोहित उर्फ कलिया — तोता के करीबी साथी बताए जा रहे हैं।
लूट की साजिश से पहले धर दबोचे गए
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि वे इन हथियारों की मदद से जल्द ही लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
सुनील ने खुलासा किया कि उसने ये हथियार गुरुग्राम के ही एक व्यक्ति से एक लाख रुपये में खरीदे थे और अपने साथियों को इस्तेमाल के लिए दे रखे थे।
गैंगस्टर बनने की चाहत में कर चुका था कई अपराध
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, धनवापुर गांव निवासी सुनील उर्फ तोता पर करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या का प्रयास, जान से मारने की धमकी, लूट, चोरी, स्नैचिंग और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
उस पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। अधिकारियों के अनुसार, वह गुरुग्राम में “पानी माफिया” के रूप में अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहता था और इसी वजह से क्षेत्र में पानी सप्लायर पर हमला करने के बाद से पुलिस के निशाने पर था।
साथियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड लंबा
पुलिस जांच से पता चला कि
संदीप पर हत्या, धोखाधड़ी और शस्त्र अधिनियम के तहत चार मुकदमे दर्ज हैं।
रोहित उर्फ कलिया के खिलाफ महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिलों में हत्या के प्रयास, धमकी, धोखाधड़ी और मारपीट जैसे कुल सात मामले पहले से लंबित हैं।
पुलिस कर रही विस्तृत पूछताछ
क्राइम ब्रांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने हथियारों की खरीद किस चैनल से की थी।
संभावना है कि यह गिरोह अवैध हथियार तस्करी और जबरन वसूली के नेटवर्क से जुड़ा हो। पुलिस अब उनके अन्य सहयोगियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।







