झांसी। थाना सीपरी बाजार क्षेत्र में एक ठेकेदार को झांसे में लेकर तीन लोगों ने मिलकर ब्लैकमेल किया और 30 लाख रुपये की भारी रकम वसूल ली। मामले में आरोपी और भी रकम की मांग कर रहे थे, जिससे पीड़ित मानसिक रूप से बेहद तनाव में आ गया और उसे दिल का दौरा पड़ा। फिलहाल वह दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विश्वासघात में बदली मदद की नीयत
दीनदयाल नगर निवासी अमन अग्रवाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता संजीव अग्रवाल निर्माण कार्यों से जुड़े हुए हैं। कुछ समय पहले बबीना क्षेत्र के ग्राम बुढ़पुरा निवासी राममिलन विश्वकर्मा उनके यहां मजदूरी करता था। काम के दौरान उसने परिवार का विश्वास जीत लिया और बैंक से जुड़े लेनदेन भी संभालने लगा।
महिला को काम दिलाने के बहाने रची गई साजिश
वर्ष 2014 में राममिलन एक महिला और उसकी छोटी बच्ची को लेकर संजीव अग्रवाल के पास पहुंचा। उसने बताया कि महिला का पति उसे छोड़ चुका है और वह काम की तलाश में है। संजीव ने मानवता के नाते उसे अपने काम में शामिल कर लिया। उसके साथ आए एक और व्यक्ति, अरविंद यादव को भी नौकरी दे दी गई।
ब्लैकमेलिंग और झूठे केस की धमकी
कुछ समय बाद तीनों ने मिलकर संजीव अग्रवाल को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी देकर 30 लाख रुपये वसूल लिए। इसके बाद 70 लाख रुपये की और मांग की गई। विरोध करने पर मोबाइल फोन और नकदी भी छीन ली गई।
मानसिक दबाव ने ली सेहत पर भारी कीमत
लगातार धमकियों और आर्थिक नुकसान से परेशान होकर संजीव अग्रवाल को हार्ट अटैक आ गया। उन्हें तत्काल दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने राममिलन विश्वकर्मा, अरविंद यादव और महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और मामले की गहन जांच की जा रही है।







